न बजते हैं अब बैलों और हलों के घुंघरू
कभी किसानों को रोपनहार देती थीं गालियां
उपेंद्र कश्यप
नबिटा संवाददाता
दाउदनगर (औरंगाबाद)
कृषि कार्य अभी जोरों पर है। खेतों में रोपनी के कार्य चल रहे हैं। लेकिन कहीं चले जाइए, रोपणहारो के मुंह से अब गीत सुनाई नहीं देते। अपवाद स्वरूप कहीं-कहीं यदा-कदा कुछ पंक्तियां गुनगुनाती रोपणहार दिख जाए तो बात अलग है। लेकिन आमतौर पर अब खेतों में रोपनी करते वक्त गीत गाए जाते हुए सुनाई नहीं पड़ते हैं। दरअसल, खेतों में हल नहीं चलते। जब हल चलते थे तब बैलों और उसके पैरों में बंधे घुंघरू से मधुर आवाज निकलती थी। इससे रोपनहार को गीत गाने में आनंद आता था। अब हल बैल से बंधे घुंघरू की आवाज भी खेतों में सुनाई नहीं पड़ती। दूसरे रोपनहार भी अब विभिन्न प्रदेशों से मंगाए जाते हैं। जो स्थानीय गीत और संस्कृति से भी अनभिज्ञ होते हैं। कई बार दूसरे धर्म के भी श्रमिक होते हैं। अब किसानों को रोपनहार गाली भी नहीं देती। मखरा निवासी सुरेंद्र सिंह यादव बताते हैं कि दरअसल जब खेत पर किसान खड़ा रहते थे तो रोपनहार उन्हें गाली देती थी, ताकि वह भाग जाए। ऐसा इसलिए करती थी ताकि उन्हें कमर सीधा करने का मौका मिले। आम तौर पर ठेहुना से ऊपर उनका कपड़ा रहता है। शंका निवारण करना होता है। ऐसे में जब किसान खड़ा होगा तो दिक्कत होती थी। दूसरे कई रोपनहारों का किसानों से मजाक करने वाला रिश्ता होता था और इसलिए किसान का नाम लेकर कुछ गालियां देती थी, जो रिश्ते में भौजाई लगती थी। अब यह परंपरा भी खत्म हो गई है।
नई पीढ़ी के रोपनहार नहीं जानती गीत
तरार पांच के मुखिया व किसान शशि भूषण सिंह कहते हैं कि पुराने (वृद्ध) रोपनहार यदा-कदा, कहीं-कहीं गीत गाती दिख जाती हैं। नई पीढ़ी गीतों को भूल चुकी है। वह गीत गाना भी नहीं जानते और ना इसमें कोई रुचि लेती हैं। हालांकि एक परंपरा अभी भी जीवित है कि रोपनहार किसान के घर आती हैं और घर की महिलाएं उन्हें सिंदूर और तेल देती हैं, श्रृंगार के लिए। ठीक वैसे ही जैसे रोपनी को भी किसान धरती का श्रृंगार मानते हैं।
वर्षा और बढ़िया उपज के लिए गाती थी गीत
मखरा निवासी किसान सुरेंद्र सिंह यादव कहते हैं कि रोपनहार बेहतर वर्षा और उपज के लिए इंद्र भगवान को खुश करने के लिए गीत गाती थी। वे ईश्वर से प्रार्थना करती थी कि वर्षा पर्याप्त हो, फसल की उपज बेहतर हो, इससे किसान समृद्ध होगा तो उनको भी खेतों में काम करने का अवसर मिलेगा और इससे आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
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