Monday, 30 January 2023

20 प्रतिशत बढ़ गयी एक दशक में दाउदनगर शहर की आबादी

 




52364 थी 2011 में शहर की आबादी

65543 हो गई 2023 में जनसंख्या

13179 लोग बढ़े एक दशक में 

उपेंद्र कश्यप, दाउदनगर (औरंगाबाद) : दाउदनगर शहर 27 वार्ड में बंटा हुआ है। 1885 का यह नगर पालिका है। जो कालांतर में नगर पंचायत बना और फिर नगर परिषद। बिहार जाति आधारित गणना 2022 के प्रथम चरण के आंकड़े सामने आए हैं। दैनिक जागरण के पास उपलब्ध विवरण के अनुसार इस गणना में शहर की आबादी 65543 बताई गई है। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 52364 थी। यानी लगभग एक दशक में 13179 लोग शहर में बढ़े। प्रतिशत में यह आंकड़ा 20.10 आता है।



8610 मकानों में 11053 परिवार 

प्राप्त विवरण के अनुसार दाउदनगर शहर के सभी 27 वार्डों में कुल 8010 भवन है। जबकि 8610 मकान है। इन मकानों में 11071 परिवार रहते हैं। महत्वपूर्ण है कि आमतौर पर 2011 में बताया गया था कि शहर में 6000 लगभग घर हैं। लेकिन ताजा सर्वे के मुताबिक यह संख्या 8610 है।



वार्ड संख्या नौ, 26 और 27 में बढ़ी बसावट 

फोटो- मीनू सिंह 

नगर परिषद के मुख्य पार्षद मीनू सिंह ने बताया कि वार्ड संख्या नौ, 26 एवं 27 में नई बसावट बीते एक दशक में खूब बसी है। नया इलाका आबाद हुआ है। आबादी भी बढ़ी है और घर मकानों की संख्या भी बढ़ी है। इनके अनुसार दूसरी वजह यह है कि शहर में बच्चों को पढ़ाने के लिए काफी लोग गांव से आकर रहने लगे हैं। 



तेजी से हो रहा शहरीकरण 

फोटो-सोनी देवी

पूर्व मुख्य पार्षद सोनी देवी ने बताया कि शहर में मकान और आबादी बढ़ने की एक प्रमुख वजह नगर परिषद क्षेत्र का शहरीकरण होना है। इस कारण ग्रामीण इलाकों से लोग आ रहे हैं, घर बना रहे हैं और रह रहे हैं। नई बसावट खूब हो रही हैं। जिससे शहर विकसित हो रहा है।


2022 में वार्डवार जनसंख्या

वार्ड संख्या- आबादी

एक-3955

दो-2556

तीन-2617

चार-1931

पांच-2423

छह-2749

सात-2182

आठ-2496

नौ-3570

10-2958

11- 1711

12-2283

13-1857

14-2774

15-1616

16-4467

17-3060

18-2033

19-1394

20-1862

21-1779

22-2243

23-1679

24-1586

25-2732

26-2757

27-2573

कुल-65543


2011 में 23 वार्ड, तब थी इतनी आबादी

वार्ड नंबर- आबादी

एक- 1065

दो- 2234

तीन- 2471

चार- 1075

पांच- 2001

छह- 2267

सात- 1764

आठ- 2280

नौ- 2428

10- 1344

11- 1584

12- 2148

13- 1396

14- 3160

15- 3132

16- 4009

17- 2570

18- 1691

19- 2823

20- 2479

21- 2888

22- 2104

23- 3451

कुल-52364


एक ही भवन में रहते हुए सबको अलग अलग दिखाने का आग्रह

 


पक्का मकान वाले भी कच्चा लिखवाने पर देते थे जोर

जाति आधारित गणना में सामने आया समाज की सोच का यह सच

दाउदनगर (औरंगाबाद) :

जनगणना का पहला चरण सम्पन्न हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग बिहार सरकार द्वारा कराए जा रहे जाति आधारित गणना का कार्य अनुमण्डल के पोषक क्षेत्रों में संपन्न कराया गया। प्रथम चरण में मकान नंबरी करण का कार्य हुआ। नजरी नक्शा का निर्माण किया। घर घर जाकर एक एक व्यक्ति से संपर्क स्थापित कर मकान नंबर का कार्य किया। लोगों में यह जिज्ञासा है कि आखिर इस दरम्यान किस तरह से कार्य किये गए। क्या समस्या आई होगी कर्मियों को। आम लोगों की तरफ से क्या सवाल किए जाते थे। यह जानने के लिए इस कार्य में लगे कई कर्मियों से दैनिक जागरण ने बातचीत की। समाज का सच खुल कर सामने आया। कुछ ने तथ्य तो बताया किंतु नाम न छापने का आग्रह भी किया। बताया गया कि लोगों का जोर था कि उनके पक्का मकान को भी कच्चा मकान नजरी नक्शा में प्रदर्शित किया जाये और भाई-भाई को एक ही भवन में अलग-अलग दिखाया जाए। इस दबाव में जो कर्मी आये उन्होंने सामने वालों की इच्छानुसार सर्वे कागज पर लिखा। तभी घर परिवार के मुखिया ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया। लोगों का कहना था कि रहते तो है एक ही भवन में लेकिन चुल्ला अलग अलग जलता है। 



प्रगणकों पर बनाया गया दबाव


मकसद सरकारी योजनाओं का लाभ लेना

प्रगणक मकान में जितने परिवार रहते थे उनके मुखिया का नाम लिखते हुए उनका सदस्यों की संख्या का आकलन किया। परंतु लोगों ने दबाव बनाया गया कि परिवार को अलग-अलग परिवार बनाकर गणना किया किया जाए। इतना ही नहीं अपने माता-पिता को भी अलग परिवार मानकर गणना कराने के लिए दबाव बनाया। जबकि यह नियम के विरुद्ध था। इसके लिए कई स्तरों पर  शिकायतें भी की गई। स्थल निरीक्षण कर उसका समाधान किया गया। इस तरह  पढ़ने लिखने के बावजूद सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए निजी स्वार्थ में अपने अनुसार कार्य कराने के लिए दबाव बनाया गया।



सीमावर्ती क्षेत्र में अलग समस्या

कुछ चुनौतियां नगर परिषद क्षेत्र के पंचायत से लगे सीमा पर आई कि यह इलाका नगरीय क्षेत्र का है या ग्रामीण। प्रपत्र पर हस्ताक्षर कराने में भी समस्या आयी। कुछ ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर करने से इनकार किया जा रहा था। तर्क यह कि मुझे गणना नहीं कराना है। बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों के सहयोग से समझा-बुझाकर उनसे हस्ताक्षर लिया गया।



मिला अच्छा व नया अनुभव



सुनील बाबी ने बताया कि मकान गणना कार्य का एक प्रगणक के रुप में काफी सुखद अनुभव रहा। लोगों का जनगणना के प्रति विचार जानने और वार्ड के प्रत्येक घर तक पहुंच कर लोगों से मिलकर अच्छा लगा  लोगों ने भी सहयोगात्मक पहल की। कार्य क्षेत्र के वार्ड का नजरी नक्शा बनाने के लिए हर गली और मकानों तक कई बार जाकर देखना और फिर नक्शा तैयार करने का अनुभव काफी अच्छा रहा।



ब्लाक व उप गणना ब्लाक बनाना चुनौतीपूर्ण

फोटो


-रामाकान्त सिंह

नगर परिषद क्षेत्र में गणना कार्य करने वाले शिक्षक रामाकान्त सिंह ने बताया कि विभिन्न ब्लाक एवं उप गणना ब्लाक को बांटना एक बड़ी चुनौती थी। प्रत्येक वार्ड में जाकर वार्ड सदस्यों से संपर्क स्थापित कर अपने पूरे दल के साथ विभिन्न वार्डों को विभिन्न ब्लाकों में विभक्त किया। प्रत्येक ब्लाकों में प्रगंणकों की प्रतिनियुक्ति की गई।



परेशानी को किया गया ऐसे नियंत्रण

मकान गणना के प्रारम्भिक समय में थोड़ी परेशानी तो हुई लेकिन प्रखंड कार्यालय और प्रवेक्षक के सहयोग से कार्य आसान हो गया। प्रखंड मुख्यालयों में इसको लेकर कन्ट्रोल रुम बनाया गया था और ह्वाट्सएप ग्रुप भी। कोई समस्या आने पर ग्रुप में मैसेज करने पर शीघ्र ही मदद मिलता था कर्मियों को।


11 साल में गोह प्रखंड की बढ़ी मात्र 50000 आबादी

 



42698 घरों में रहते हैं 58207 परिवार 

गोह में रहते हैं कुल 284214 लोग 

वर्ष 2011 में थी 234400 आबादी

प्रखंड में है कुल 286 वार्ड, बेघर परिवारों की संख्या मात्र 19 

संवाद सहयोगी, दाउदनगर (औरंगाबाद) : दाउदनगर अनुमंडल के प्रखंड गोह में कुल 42698 घर है। जिसमें 58207 परिवार रहते हैं। जबकि 284214 यहां की कुल आबादी है। गोह प्रखंड में 19 ऐसे परिवार हैं जो बेघर हैं। बिहार सरकार द्वारा कराए जा रहे ताजा जातीय जनगणना में निकलकर यह आंकड़ा सामने आया है। यदि 2011 की जनगणना के मुकाबले इसे देखें तो लगभग मात्र 50 हजार की आबादी इस प्रखंड में बढ़ी है। 2011 की जनगणना के अनुसार गोह प्रखंड की आबादी 234400 थी। गोह में कुल 158 गांव हैं।



वर्ष 2011 की जनगणना का प्रमुख आंकड़ा


वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गोह प्रखंड की जनसंख्या 234,400 है। इसमें 121939 पुरुष और 112461 महिलाएं हैं। कुल साक्षर लोग 77070 हैं, जिसमें 125784 पुरुष और 48714 महिला हैं। कुल 16811 किसान कृषि खेती पर निर्भर हैं। कुल 14316 पुरुषों द्वारा खेती की जाती है जबकि 2495 महिलाएं खेती करती हैं। गोह में 24010 लोग कृषि भूमि में श्रम के रूप में काम करते हैं। इसमें पुरुष 18016 और 5994 महिलाएं हैं।



जाति आधारित गणना 2022 का आंकड़ा

 पंचायत का नाम-वार्ड या गणना ब्लाक की संख्या- कुल मकानों की संख्या- कुल परिवारों की संख्या- परिवार में कुल सदस्यों की संख्या

अमारी- 14 -1999- 2778- 13780 बक्सर- 14- 2016- 2989 -14964 बनतारा- 12- 1889- 2652- 13143 बर्मा खुर्द -15- 2203- 3111- 14552 बाजार वर्मा -15- 2215- 3092- 12465 

बेरका- 14- 2031- 2654- 13484 भुरकुंडा- 15- 2277- 2883- 14256 चापुक- 15- 2039- 2646- 13668 

दधपी- 14- 2026- 2657- 12906 देवहरा- 15 -2310- 3172- 13908 डिहुरी -14- 2116- 2854- 13325 फाग-15- 2272- 3112- 14570 

गोह- 15- 2293- 3059 -14356 हसनपुर- 14- 2104 -2487 -13499 हथियारा- 13- 2020- 2969- 15483 झिकटिया- 15 -2281- 3225- 15718 

मलहारा- 14 -2151- 2902- 14797 मीरपुर- 15- 2271- 3113- 14224 

तेयाप- 14- 2105- 2968- 15655 उपहारा- 14 -2080 -2855 -14773 कुल- 286- 42698- 58207 -284214

फोटो-जाति जनगणना का कार्य करते प्रगणक

42698 घरों में रहते हैं 58207 परिवार 

गोह में रहते हैं कुल 284214 लोग 

वर्ष 2011 में थी 234400 आबादी

प्रखंड में है कुल 286 वार्ड, बेघर परिवारों की संख्या मात्र 19 

संवाद सहयोगी, दाउदनगर (औरंगाबाद) : दाउदनगर अनुमंडल के प्रखंड गोह में कुल 42698 घर है। जिसमें 58207 परिवार रहते हैं। जबकि 284214 यहां की कुल आबादी है। गोह प्रखंड में 19 ऐसे परिवार हैं जो बेघर हैं। बिहार सरकार द्वारा कराए जा रहे ताजा जातीय जनगणना में निकलकर यह आंकड़ा सामने आया है। यदि 2011 की जनगणना के मुकाबले इसे देखें तो लगभग मात्र 50 हजार की आबादी इस प्रखंड में बढ़ी है। 2011 की जनगणना के अनुसार गोह प्रखंड की आबादी 234400 थी। गोह में कुल 158 गांव हैं।



वर्ष 2011 की जनगणना का प्रमुख आंकड़ा


वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गोह प्रखंड की जनसंख्या 234,400 है। इसमें 121939 पुरुष और 112461 महिलाएं हैं। कुल साक्षर लोग 77070 हैं, जिसमें 125784 पुरुष और 48714 महिला हैं। कुल 16811 किसान कृषि खेती पर निर्भर हैं। कुल 14316 पुरुषों द्वारा खेती की जाती है जबकि 2495 महिलाएं खेती करती हैं। गोह में 24010 लोग कृषि भूमि में श्रम के रूप में काम करते हैं। इसमें पुरुष 18016 और 5994 महिलाएं हैं।



जाति आधारित गणना 2022 का आंकड़ा

 पंचायत का नाम-वार्ड या गणना ब्लाक की संख्या- कुल मकानों की संख्या- कुल परिवारों की संख्या- परिवार में कुल सदस्यों की संख्या

अमारी- 14 -1999- 2778- 13780 बक्सर- 14- 2016- 2989 -14964 बनतारा- 12- 1889- 2652- 13143 बर्मा खुर्द -15- 2203- 3111- 14552 बाजार वर्मा -15- 2215- 3092- 12465 

बेरका- 14- 2031- 2654- 13484 भुरकुंडा- 15- 2277- 2883- 14256 चापुक- 15- 2039- 2646- 13668 

दधपी- 14- 2026- 2657- 12906 देवहरा- 15 -2310- 3172- 13908 डिहुरी -14- 2116- 2854- 13325 फाग-15- 2272- 3112- 14570 

गोह- 15- 2293- 3059 -14356 हसनपुर- 14- 2104 -2487 -13499 हथियारा- 13- 2020- 2969- 15483 झिकटिया- 15 -2281- 3225- 15718 

मलहारा- 14 -2151- 2902- 14797 मीरपुर- 15- 2271- 3113- 14224 

तेयाप- 14- 2105- 2968- 15655 उपहारा- 14 -2080 -2855 -14773 कुल- 286- 42698- 58207 -284214

Sunday, 6 November 2022

पहली बार व्यापार मंडल अध्यक्ष की कुर्सी अंछा को मिली

 


फ़ोटो-व्यापार मंडल का नया-पुराना गोदाम

08 बार कुर्मी, 04 बार राजपूत व एक बार यादव जाति से बने अध्यक्ष

उपेंद्र कश्यप । दाउदनगर (औरंगाबाद)

व्यापार मंडल के अध्यक्ष पद का चुनाव परिणाम जब आया तो अंछा गांव उछल पड़ा। कारण स्पष्ट है कि पहली बार इस गांव के किसान नेता को यह कुर्सी मिली और जातीय संदर्भ में चौथी बार राजपूत जाति से कोई व्यक्ति अध्यक्ष बना। इसके पहले सिर्फ जिनोरिया निवासी सुदेश सिंह ही इस जाति से इस पद पर रहे हैं। वे तीन बार अध्यक्ष रहे हैं। 1983 के चुनाव से अब तक का इतिहास जो ज्ञात है, उसके अनुसार उप चुनाव और कार्यकारिणी द्वारा अध्यक्ष चुने जाने समेत 13 बार अध्यक्ष बने हैं। चुन्नू 12 वें अध्यक्ष बने थे। 13 वें अध्यक्ष राम बचन सिंह बने। व्यापार मंडल पर कुर्मी जाति का एकाधिकार रहा है। आठ बार कुर्मी जाति के नेता अध्यक्ष बने हैं। जबकि चार बार राजपूत और एक बार यादव जाति से। 1978 में तरारी से मुखिया बने बेलाढी निवासी दिनेश सिंह कुर्मी थे। वे 1983 और 1986 में व्यापार मंडल का अध्यक्ष बने। इनके बाद 1989, 1992 और 1995 में लगातार तीन बार संसा के हीरालाल सिंह अध्यक्ष बने। वे भी कुर्मी थे। उसी तरह 1998 और 2001 में गोरडीहां निवासी मुखिया रहे भगवान सिंह अध्यक्ष बने। वे भी कुर्मी हैं। 04 जनवरी 2016 को बेलाढी निवासी दीपक सिंह अध्यक्ष बने, वे भी कुर्मी थे। बताया कि कार्यकारिणी से उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष तब बनाया गया था। जब सुदेश सिंह की हत्या से यह कुर्सी खाली पड़ी हुई थी। बीच में सिर्फ सुदेश सिंह ही ऐसे सवर्ण नेता रहे जो तीन बार अध्यक्ष बने। वे जाति से राजपूत थे, जिनोरिया के निवासी। करमा पंचायत के मुखिया भी रहे हैं। 2004 में कार्यकारिणी ने उनको अध्यक्ष चुना था। 2007 में चुनाव जीत कर अध्यक्ष बने और फिर तीसरी बार अगस्त 2012 में अध्यक्ष बने थे। 04 अक्टूबर 2012 को हत्या होने तक वे इस पद पर रहे। सुदेश सिंह भी पिछड़ा और राजद की राजनीति करके ही व्यापार मंडल का अध्यक्ष बने थे। वर्ष 2017 में पहली बार हुआ था जब चुन्नू यादव व्यापार मंडल के अध्यक्ष बने। अब वे हार गए हैं और राम बचन सिंह अध्यक्ष बने हैं।


  



पिताजी की दुर्घटना के कारण हार : पूर्व अध्यक्ष

फोटो-चुन्नू यादव

पराजित व्यापार व्यापार मंडल अध्यक्ष चुन्नू यादव ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक पिता ललन सिंह के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण उन्हें किसानों के बीच जाने का वक्त कम मिला। वे उनके इलाज में व्यस्त व तनावग्रस्त रहे। जब मिले भी तो तनावपूर्ण स्थिति में रहे। इसका प्रभाव पड़ा। बेहतर कार्यालय ना बनवा सकने का सपना जहां अधूरा रह गया वहीं जीतने के बाद किसानों को पहली बार बताया कि व्यापार मंडल धान भी खरीदता है। किसानों को लाभ पहुंचाया।



हार जीत की समीक्षा कर रहे नेता व समर्थक

 राम बचन सिंह व्यापार मंडल के अध्यक्ष बन गए और इस कुर्सी से विदा हो गए सुजीत कुमार सिंह उर्फ चुन्नू यादव। जिस चुन्नू यादव को पक्के तौर पर विजेता मान लिया गया था उनकी हार की वजह क्या है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि लगभग 450 मतदाता अंछा गांव के हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में लगभग 250 या इससे अधिक मतदाता करमा पंचायत के हैं। 125 से 150 तक मतदाता बेलवां, चौरी और नगर परिषद क्षेत्र में है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि पिछले चुनाव में अंछा के मतदाता रामबचन सिंह के साथ खड़े न होकर चुन्नू यादव के साथ खड़े हुए थे। इस बार उन्होंने रामबचन सिंह का समर्थन किया और इस कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। जो वर्ग प्रखंड प्रमुख के चुनाव के वक्त की गयी कथित जातीय राजनीति का आरोप लगा रहा था वह अब परिणाम से उत्साहित है। ऐसे समूह की मंशा पूरी हो गई है। जिसकी चर्चा इलाके में है। मण्डली से घिरे होने को भी लोग कारण बता रहे लेकिन इस तरह के आरोपको चुन्नू यादव ने खारिज कर दिया है।



Thursday, 3 November 2022

आज मिलेगा व्यापार मंडल को 13 वां अध्यक्ष

 


मतदान बाद तुरन्त मतगणना व परिणाम आज

12 मतदान कर्मियों ने किया योगदान

2 पदों के लिए होना है चुनाव 10 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन



दाऊदनगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष का आज चुनाव होना है। 1983 में हुए पहले चुनाव से अब तक का 12 बार चुनाव हो चुका है। इसमें उप चुनाव और कार्यकारिणी द्वारा अध्यक्ष चुना जाना शामिल है।

शुक्रवार को व्यापार मंडल अध्यक्ष और प्रबंध कार्यकारिणी समिति के एक सदस्य के लिए मतदान होना है। प्रबन्ध कार्यकारिणी के लिए 12 पदों का चुनाव होता है। इसमें 10 का निर्विरोध चुनाव हो चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम वर्ग से सदस्य के छह पदों में से पांच पदों के लिए निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। जबकि एक पद रिक्त रह गया है। द्वितीय वर्ग के सदस्य के छह पदों में से पांच पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। अनुसूचित जाति वर्ग के सदस्य के एक पद के लिए मतदान होगा। जिसके लिए तीन उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है। बताया गया कि 12 मतदानकर्मियों ने योगदान किया है। टेंट वगैरह लगा दिया गया है।



अध्यक्ष व सदस्य के लिए तीन-तीन प्रत्याशी

दाउदनगर व्यापार मंडल के चुनाव में 1959 मतदाता हैं। इसमें प्रथम वर्ग (सहकारी समितियां) से 15 व द्वितीय वर्ग (व्यक्तिगत किसान) से 1944 मतदाता हैं। प्रखंड कार्यालय परिसर में बनाए गए तीन मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ये मतदान करेंगे। बीडीओ सह प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी योगेंद्र पासवान ने बताया कि चुनाव की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 

अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह उर्फ चुन्नु यादव, पूर्व पैक्स अध्यक्ष रामवचन सिंह एवं राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह मैदान में हैं। जबकि द्वितीय वर्ग से अनुसूचित जाति के एक पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में है। इसके लिए विदेश राम, शम्भू पासवान एवं केदार पासवान के बीच मुकाबला है। 




प्रथम वर्ग का एक पद रह गया खाली 

सदस्य के बारह पदों में से 10 पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ क्योंकि यहां दूसरे ने नामांकन ही नहीं किया। प्रथम वर्ग का एक पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिस पर कोई नामांकन नहीं हुआ। यह पद खाली ही रह गया और बाद में भी इस पर चुनाव कराया जाना संभव नहीं रहा। सूत्रों के अनुसार प्रथम वर्ग से दाउदनगर के सभी 15 पैक्स अध्यक्ष में से ही नामांकन कोई पैक्स अध्यक्ष कर सकते हैं। लेकिन अनुसूचित जाति का कोई पैक्स अध्यक्ष दाउदनगर प्रखंड में है ही नहीं। इसलिए अनुसूचित जाति के सदस्य पद के लिए कोई नामांकन हुआ ही नहीं। नियम यह है कि इस वर्ग के अनुसूचित पद पर 15 पैक्स अध्यक्ष में से ही किसी को नामांकन करना है। 




ये हुए निर्विरोध निर्वाचित

प्रथम वर्ग के पांच सदस्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसमें सुभाष यादव, जितेंद्र शर्मा, सहजानंद शर्मा, मृत्युंजय शर्मा एवं डेजी कुमारी शामिल हैं। 

द्वितीय वर्ग से अनुसूचित जाति के एक पद के लिए चुनाव होना है। शेष का।निर्विरोध निर्वाचन हुआ। द्वितीय वर्ग में महिला सामान्य से मालती देवी, अन्य सामान्य सीट से सुरेंद्र कुमार शर्मा एवं नागेद्र कुमार निर्विरोध निर्वाचित कर दिए गए। अति पिछड़ा पद से कमलेश राम और पिछड़ा वर्ग से सिकंदर मेहता निर्विरोध निर्वाचित हुए। इन पदों के विरुद्ध एक से अधिक नामांकन ही नहीं हुआ। 



खुद को दोहरा रहा व्यापार मंडल चुनाव का इतिहास




फ़ोटो-दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट

मैदान में चुन्नू यादव, रामबचन सिंह एवं देवेंद्र सिंह 

पांच साल पहले भी तीनों ही थे एक दूसरे के प्रतिद्वंदी

ना पहले था ना अब है कोई चौथा प्रत्याशी

 0 उपेंद्र कश्यप 0

इतिहास कभी-कभी खुद को दोहराता है। खासकर राजनीति में जब इतिहास का दुहराव होता दिखता है तो उसकी चर्चा व्यापक पैमाने पर होती है। दाउदनगर व्यापार मंडल अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी ऐसी ही स्थिति है। यह विचित्र संयोग है कि पांच साल पहले की लड़ाई का दुहराव फिर हो रहा है। पांच साल पहले जब चुनाव हुआ था तब भी जो तीन व्यक्ति प्रत्याशी बने थे वही तीन व्यक्ति इस बार भी प्रत्याशी हैं। न पिछली दफा कोई चौथा प्रत्याशी था और ना ही इस बार कोई चौथा व्यक्ति प्रत्याशी बना है। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पिछली दफा सुजीत कुमार उर्फ चुन्नू यादव को 481 मत मिले थे और चुनाव जीतकर वह व्यापार मंडल के अध्यक्ष बने। दूसरे स्थान पर अंछा के तत्कालीन पैक्स अध्यक्ष राम बचन सिंह रहे थे। जिनको 358 वोट मिला था और तीसरे स्थान पर देवेंद्र सिंह राजद प्रखंड अध्यक्ष रहे थे, जिनको 315 वोट मिला था। आंकड़ों के अनुसार विजेता ने अपने निकट प्रतिद्वंदी को 123 मत से हराया था। जबकि तीसरे स्थान पर रहे देवेंद्र सिंह पहले स्थान पर रहे सुजीत सिंह के मुकाबले 166 वोट कम ला सके थे। इस बार फिर तीनों प्रत्याशी हैं। तीनों की स्थिति लगभग एक सी है। सुजीत सिंह पैक्स अध्यक्ष के साथ व्यापार मंडल के निवर्तमान अध्यक्ष हैं। रामबचन सिंह अब पूर्व पैक्स अध्यक्ष और देवेंद्र सिंह राजद के अभी भी प्रखंड अध्यक्ष हैं। इतिहास खुद को दोहराता हुआ दिख रहा है। चुनाव परिणाम में भी इतिहास कहां खड़ा होगा यह शुक्रवार को तब स्पष्ट होगा जब मतदान के बाद मतगणना होगा और कौन बना व्यापार मंडल का अध्यक्ष यह साफ होगा।



मतदान व मतगणना की तैयारी पूरी

व्यापार मंडल चुनाव के लिए मतदान चार नवंबर को सुबह 7:00 बजे से 4:30 बजे तक होगा। मतदान केंद्र प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभाकक्ष में और मनरेगा भवन में बनाया गया है। तीन मतदान केंद्र हैं। मतदान के तुरंत बाद प्रखंड कार्यालय सभाकक्ष में ही मतगणना का कार्य संपन्न होगा और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि परिणाम आने तक रात हो जाएगी। मतदान व मतगणना की तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है।



दो श्रेणी के हैं कुल 1959 मतदाता 

प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी योगेंद्र पासवान ने बताया कि व्यापार मंडल के लिए होने वाले चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 1959 है। प्रथम वर्ग में 15 मतदाता हैं, जो आवश्यक रूप से पैक्स अध्यक्ष हैं। दूसरे वर्ग में 1944 मतदाता किसान वर्ग से हैं। बताया गया कि प्रखंड कार्यालय से मतदान केंद्र की दूरी लगभग 500 मीटर है। जारी सूचना के अनुसार अध्यक्ष का पद अनारक्षित है।


Tuesday, 1 November 2022

व्यापार मंडल के चुनाव को लेकर बिछने लगी है गोटियां

  


प्रखंड प्रमुख चुनाव की राजनीति का पड़ेगा प्रभाव 


जातीय राजनीति में जाति साधने की जुगत


संवाद सहयोगी । दाउदनगर (औरंगाबाद)

व्यापार मंडल के अध्यक्ष का चुनाव होना है। शुक्रवार को इसके लिए मतदान होगा और इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित हो जाएगा। चुनावी बिसात पर सब कोई मोहरा बिछाने में लगे हुए हैं। जातीय राजनीति में जाति साधने की जुगत की जा रही है। बड़ा प्रश्न यह है कि क्या प्रखंड प्रमुख के चुनाव को लेकर जिस तरह की जाती की राजनीति की गई थी उसका प्रभाव व्यापार मंडल के चुनाव पर भी पड़ेगा। इस पर राजनीतिक प्रेक्षकों की नजर है। व्यापार मंडल अध्यक्ष के चुनाव के लिए तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। निवर्तमान अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह उर्फ चुन्नू यादव, अंछा के पूर्व पैक्स अध्यक्ष रामबचन सिंह और राजद के प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चुनाव मैदान में है। एक धड़ा ऐसा है जो यह कह रहा है कि इस बार प्रखंड प्रमुख के चुनाव में जिस तरह से जातीय राजनीति हुई उसका बदला लिया जाएगा। लेकिन इनकी ताकत कितनी है, यह चुनाव परिणाम बताएगा। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि इस बार कौन विजेता बनेगा। तीनों प्रत्याशी अपने-अपने दावा कर रहे हैं और किसानों मतदाताओं के बीच जा रहे हैं। सबके अपने दावे और वादे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय तो मतदाताओं को ही लेना है और वह अपना फैसला शुक्रवार को सुनाएंगे।


किसानों का उत्थान की कोशिश : चुन्नू यादव 


 व्यापार मंडल के निवर्तमान अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह उर्फ चुन्नू यादव का कहना है कि किसानों के उत्थान के लिए उनको समर्थन मूल्य दिलाने का काम करेंगे। खाद की किल्लत खत्म कर सबको खाद उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। दावा यह कि-चुनाव निश्चित जीत रहे हैं, क्योंकि किसानों के साथ रहकर उनकी हर समस्या का समाधान करने का हर संभव प्रयास किया। हर परिस्थिति में उनके साथ रहा। जाति वर्ग धर्म का भेदभाव कभी नहीं किया।


समस्या से त्रस्त किसान पक्ष में : राम बचन सिंह 


 रामबचन सिंह कहते हैं कि किसान पक्ष में है क्योंकि वह समस्या से ग्रस्त और त्रस्त हैं। खाद किसानों को नहीं मिला। धान की खरीदारी हुई तो पैसा नहीं मिला। किसी को पैसा मिला तो समय पर नहीं मिला। इसलिए जनता और किसान दोनों त्रस्त होकर समर्थन में हैं।



कोई दावा वादा नहीं : देवेंद्र सिंह 


राजद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कहते हैं कि उनका कोई दावा और वादा नहीं है, जैसा कि उनका स्वभाव है। अपने व्यक्तित्व, चरित्र और स्वभाव के बल पर जनता और किसानों का समर्थन मांग रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि किसान समर्थन करेंगे।