Wednesday, 11 February 2026

141 वर्ष में 8225 से बढ़कर हो गयी 75000 जनसंख्या

11.02.2026 को प्रकाशित रिपोर्ट


चार बार की जनगणना में घटी है शहर की आबादी

शहरीकरण की तेज गति से बढ़ रही आबादी

1961-71 के दशक में सबसे तेज जनसंख्या वृद्धि 55.80 प्रतिशत

उपेंद्र कश्यप, जागरण ● दाउदनगर (औरंगाबाद) : वर्ष 1885 में गठित नगर पालिका दाउदनगर की जनसंख्या 141 वर्ष में नौ गुणा हो गयी। कुल चार बार की जनगणना में शहर की आबादी बढ़ने के बजाए घटी है। कारण प्लेग जैसी महामारी बताई जाती है। यह शहर 27 वार्ड में बंटा हुआ है। यह कालांतर में नगर पंचायत और फिर नगर परिषद बना। बिहार जाति आधारित गणना 2022 के उपलब्ध विवरण के अनुसार शहर की आबादी 65543 बताई गई है। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार शहर की आबादी 52364 थी। यानी लगभग एक दशक में 13179 लोग शहर में बढ़े। प्रतिशत में यह आंकड़ा 20.10 आता है। अब इसमें लगभग नौ हजार भखरुआं की जनसंख्या जुड़ जाएगी। अर्थात नगर परिषद की आबादी लगभग 75 हजार हो जाएगी। वर्ष 1961-71 के दशक में सबसे तेज जनसंख्या वृद्धि 55.80 प्रतिशत हुई। मतलब वर्ष 1961 में 13320  जनसंख्या थी जो 55.80 प्रतिशत की वृद्धि के साथ  1971 में 20743  हो गयी। वर्ष 2911, 1921, 1941 और 1951 में जनंसख्या घट गई। 




साल -जनसंख्या  -वृद्धि दर प्रतिशत में

1881  -   8225 -   0.00 

1891   -  8730 -    6.13 

1901  -   9744  -   11.61

1911   -  9149  -    -06.10 

1921  -   8511  -    -06.97 

1931 -   11699 -     37.46

1941  -  11133 -     -04.84 

1951  -  10448 -     -06.15 

1961  -  13320 -    27.49 

1971 -   20743 -     55.80

1981  -  24513-     18.74 

1991  -  30331 -    23.80

2001 -   38014-   25.33 

2011  -  52340-   37.67


(ध्यातव्य:- इसके बाद अधिकारिक जनगणना नहीं हुई है।)





8610 मकानों में 11053 परिवार 

प्राप्त विवरण के अनुसार दाउदनगर शहर के सभी 27 वार्डों में कुल 8010 भवन है। जबकि 8610 मकान है। इन मकानों में 11071 परिवार रहते हैं। महत्वपूर्ण है कि आमतौर पर 2011 में बताया गया था कि शहर में 6000 लगभग घर हैं। अब नए सिरे से गृह सर्वे हो रहा है। घरों की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है। भखरुआं जुड़ने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी। 




नया क्षेत्र विकसित हुआ, पढाईके लिए भी परिवार बढ़े

नगर परिषद की मुख्य पार्षद अंजली कुमारी ने बताया कि बीते एक से दो दशक में नया क्षेत्र खूब विकसित हुआ है। नया इलाका आबाद हुआ है। आबादी भी बढ़ी है और घर मकानों की संख्या भी बढ़ी है। दूसरी वजह यह है कि शहर में बच्चों को पढ़ाने के लिए काफी लोग गांव से आकर रहने लगे हैं। इनमें काफी लोग जमीन लेकर घर बना चके हैं। नौकरीपेशा और सरकारी सेवा में रहने वालों ने सेवानिवृत्त होने के बाद शहर में घर बनाया हुआ है। ताजा सर्वे के बाद शहर में स्थित कुल घरों की संख्या का स्पष्ट विवरण ज्ञात हो सकेगा।




2022 में वार्डवार जनसंख्या

वार्ड संख्या- आबादी

एक-3955

दो-2556

तीन-2617

चार-1931

पांच-2423

छह-2749

सात-2182

आठ-2496

नौ-3570

10-2958

11- 1711

12-2283

13-1857

14-2774

15-1616

16-4467

17-3060

18-2033

19-1394

20-1862

21-1779

22-2243

23-1679

24-1586

25-2732

26-2757

27-2573

कुल-65543


2011 में 23 वार्ड, तब थी इतनी आबादी

वार्ड नंबर- आबादी

एक- 1065

दो- 2234

तीन- 2471

चार- 1075

पांच- 2001

छह- 2267

सात- 1764

आठ- 2280

नौ- 2428

10- 1344

11- 1584

12- 2148

13- 1396

14- 3160

15- 3132

16- 4009

17- 2570

18- 1691

19- 2823

20- 2479

21- 2888

22- 2104

23- 3451

कुल-52364





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