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| 06.02.2026 को दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट |
नगर परिषद दाउदनगर में भखरुआं का शामिल होना तय
मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद डीएम का सरकार को रिपोर्ट
क्षेत्र विस्तार पर एक भी नहीं मिला दावा आपत्ति
उपेंद्र कश्यप ● दाउदनगर (औरंगाबाद) : 10 फरवरी 1885 को दाउदनगर कस्बा से शहर बना था। उसे नगर पालिका का दर्जा प्राप्त हुआ था। तब से अब तक 141 वर्ष हो गए। अब शहरी क्षेत्र का विस्तार अवश्यंभावी है। नगर परिषद के वर्तमान स्वरूप में भखरुआं क्षेत्र के हिस्से को जोड़ा जाना तय है। इससे दाउदनगर का इलाका विस्तार होगा। जनसंख्या के लिहाज से वर्तमान जनसंख्या में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि होनी तय है। नगर विकास एवं आवास विभाग पटना द्वारा चार अक्टूबर 2025 को क्षेत्र विस्तार से संबंधित अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद दावा आपत्ति के लिए समय का निर्धारण किया गया। तय समय अवधि में एक भी दावा आपत्ति इस संबंध में प्राप्त नहीं हुआ। नतीजा नगर परिषद द्वारा इस संबंध में एक पत्र जिला पदाधिकारी को चार जनवरी 2026 को लिखा गया। इसी पत्र के आलोक में 21 जनवरी 2026 को जिला पदाधिकारी ने परियोजना पदाधिकारी सह अपर निदेशक नगर विकास एवं आवास विभाग पटना को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि नगर परिषद दाउदनगर द्वारा सार्वजनिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों में अधिसूचना को चिपकाय गया एवं नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार की उद्घोषणा डुगडुगी बजाकर एवं अन्य प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी कराया गया है। इससे संबंधित दावा आपत्ति अप्राप्त है। कार्यपालक पदाधिकारी ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि कोई दावा आपत्ति प्राप्त नहीं हुआ है। यह अब तय हो गया है कि क्षेत्र विस्तार संबन्धी कोई अवरोध अब नहीं रहा।
भखरुआं की नौ हजार आबादी होगी शहरी
भखरुआं तरारी पंचायत का हिस्सा है। थाना नंबर 75, तिवारी मोहल्ला, कुर्बान बिगहा और बाबा जी का बागीचा। पूरे इलाके को मिलाकर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 16460 की आबादी है। कार्यपालक पदाधिकारी ऋषिकेश अवस्थी बताते हैं कि भखरुआं के इस हिस्से की लगभग नौ हजार आबादी नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होगी।
75000 होगी शहर की जनसंख्या
बिहार जाति आधारित गणना 2022 के प्रथम चरण के आंकड़े के अनुसार शहर की आबादी 65543 बताई गई है। 2011 में शहर की आबादी 52364 थी। अब इसमें लगभग नौ हजार भखरुआं की जनसंख्या जुड़ जाएगी। अर्थात नगर परिषद की आबादी लगभग 75 हजार हो जाएगी।
पहले हुई थी विस्तार की कोशिश असफल
पहली बार शहरी क्षेत्र के विस्तार की कोशिश सफल हुई है। इसके पहले
जब वर्ष 1972 से 77 तक यमुना प्रसाद स्वर्णकार नगरपालिका के अध्यक्ष थे तो उन्होंने भखरुआं को शामिल करने की कोशिश की थी। लेकिन कुछ लोग पटना उच्च न्यायालय चले गए और एक रणनीति के तहत राष्ट्रीय इंटर स्कूल में बने नए मतदान केंद्र पर किसी ने मतदान नहीं किया। नतीजा तब भखरुआं नगर पालिका का हिस्सा नहीं बना।

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