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| 08.02.2026 को दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट |
शैक्षणिक व सामाजिक विकास पर ध्यान केंद्रित
संदेह से देखा तो सम्मान व सहयोग भी मिला
विकास की कई योजनाओं को पूर्णता देना लक्ष्य
उपेंद्र कश्यप, जागरण ● दाउदनगर (औरंगाबाद) : नगर परिषद दाउदनगर अपनी स्थापना का 141 वर्ष जब पूरे कर रहा है तो युवाओं को निखारने के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा। यह मुख्य पार्षद अंजली कुमारी के निर्णय का फलाफल है। पहली बार स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। अंजली कुमारी ने 27 जून 2023 को पद एवं गोपनीयता का शपथ लिया था। आम जनता से सीधे निर्वाचित वह प्रथम मुख्य पार्षद हैं। आम तौर पर महिला जन प्रतिनिधि से सीधे संवाद मुश्किल होता है। यह बेबाक बोलती हैं। चाहे मंच हो या सदन या बात करने वाला पत्रकार ही क्यों न हो। उनसे विभिन्न मुद्दों पर दैनिक जागरण संवाददाता उपेंद्र कश्यप ने बातचीत की।
■ बतौर मुख्य पार्षद सबसे बड़ी 05 चुनौतियां क्या हैं-
● नगर परिषद के पास संसाधन सीमित हैं, लेकिन जनता की अपेक्षाएं स्वाभाविक रूप से बहुत अधिक रहती हैं। इस संतुलन को साधना सबसे बड़ी चुनौती रही। कई समस्याएं वर्षों से लंबित थीं। यथा-नाला, सड़क, जलनिकासी, भूमि विवाद, जिनका समाधान तत्काल संभव नहीं था। प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलता, योजनाओं की स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया, विभागीय समन्वय में समय लगता है, जिससे कार्यों में विलंब होता है। विकास कार्यों के बावजूद राजनीतिक कारणों से आरोप-प्रत्यारोप झेलने पड़े। एक महिला के रूप में नेतृत्व व निर्णय क्षमता के साथ प्रशासनिक दृढ़ता को बार-बार साबित करना पड़ा।
■ नगर परिषद कार्यालय और शहर में दिखी सबसे बड़ी पांच समस्या-
● अव्यवस्थित ड्रेनेज और जलजमाव। जर्जर सड़कें और ट्रैफिक व्यवस्था। सार्वजनिक भवनों और सामुदायिक स्थलों की कमी।युवाओं और बच्चों के लिए खेल व अध्ययन के सीमित संसाधन। कार्यालय में पुराने ढर्रे की कार्यप्रणाली।
■ सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट और उनके लिए किए गए प्रयास-
● नौका विहार,शापिंग कंपलेक्स, का आधुनिक ड्रेनेज, पुस्तकालय और नाला तंत्र। प्राथमिकता सूची बनाकर चरणबद्ध कार्य योजना तैयार की। राज्य सरकार से लगातार पत्राचार व फालो-अप की। सामुदायिक भवन और ई-लाइब्रेरी। वार्ड 14 और 16 में प्रस्ताव तैयार। शैक्षणिक और सामाजिक विकास को केंद्र में रखा। शहर के लिए मोक्षधाम की व्यवस्था। भूमि चिन्हित कर एक वर्ष से लगातार प्रयास। प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग से व्यक्तिगत रूप से मिलकर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया। खेल अधोसंरचना का विकास। अशोक स्कूल फील्ड में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन।बच्चों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य। बुनियादी शहरी ढांचे का सुदृढ़ीकरण।
■ पांच बड़े लक्ष्य और उन्हें पूरा करने की रणनीति-
● पूरे शहर में स्थायी जलनिकासी समाधान। मास्टर ड्रेनेज प्लान के तहत कार्य। हर वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की समान उपलब्धता।वार्ड-वार आवश्यकता आधारित योजना। डिजिटल और पारदर्शी नगर परिषद। कार्यालयी प्रक्रिया को आधुनिक बनाना। महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष योजना। कौशल, खेल और शिक्षा पर फोकस।स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित शहर। स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाना।
■ महिला मुख्य पार्षद के रूप में अनुभव-
● नगर परिषद कार्यालय से लेकर पटना स्थित बिहार सरकार के कार्यालयों तक की यात्रा सीख, संघर्ष और आत्मविश्वास से भरी रही।कई बार संदेह की दृष्टि से देखा गया, लेकिन जब योजनाओं की तैयारी और तथ्यों के साथ बात रखी, तो सम्मान और सहयोग दोनों मिला। यह यात्रा मुझे और अधिक दृढ़, जिम्मेदार और संवेदनशील बनाती गई।
■ आपके पूर्ववर्तियों को क्या करना चाहिए था जो वे कर न सके-
● पूर्ववर्तियों ने भी अपने स्तर पर प्रयास किए, लेकिन दीर्घकालिक सोच का अभाव, कुछ बुनियादी मुद्दों को लगातार टालना, और युवाओं-बच्चों पर कम ध्यान देना शहर के विकास में बाधा बना। मेरा प्रयास रहा कि उन्हीं अधूरे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
■ विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप क्यों लगे-
● जब भी जमीनी स्तर पर वास्तविक और बड़े पैमाने पर काम होता है, तो विरोध और आरोप स्वाभाविक होते हैं। सभी कार्य नियम, प्रक्रिया और विभागीय स्वीकृति के तहत हुए। विरोधी भी यह स्वीकार करते हैं कि आधारभूत संरचना पर अभूतपूर्व काम हुआ। आरोप दरअसल काम की गति और प्रभाव से असहजता का परिणाम है, न कि सच्चाई।

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